Tuesday, April 9, 2013

पिछली बार नेन्द्रा गाँव के जिन आदिवासियों ने ऐसी ही मानवाधिकार आयोग की टीम के सामने मूंह खोला था उनके घर जला दिये गये थे . शिकायत भेजने वाली दूसरी बलात्कार पीड़ित लड़कियों को अभी पिछले महीने ही सुकमा के एस पी साहब की जानकारी में उठा कर अदालत में ले जाकर लड़कियों को जबरन अपने बयान बदलने को मजबूर कर दिया गया . पर ठीक है पब्लिक को बेवकूफ बनाने के लिये ये नाटकबाजी भी ज़रूरी है .

पिछली बार नेन्द्रा गाँव के जिन आदिवासियों ने ऐसी ही मानवाधिकार आयोग की टीम के सामने मूंह खोला था उनके घर जला दिये गये थे . शिकायत भेजने वाली दूसरी बलात्कार पीड़ित लड़कियों को अभी पिछले महीने ही सुकमा के एस पी साहब की जानकारी में उठा कर अदालत में ले जाकर लड़कियों को जबरन अपने बयान बदलने को मजबूर कर दिया गया . पर ठीक है पब्लिक को बेवकूफ बनाने के लिये ये नाटकबाजी भी ज़रूरी है .




राष्ट्रीय मानवाधिकार की एक टीम छत्तीसगढ़ जा रही है . पूरा इंतज़ाम सरकारी रहेगा . आयोग होम मिनिस्ट्री के मातहत आता है . पुलिस भी होम मिनिस्ट्री के मातहत आती है . यानी घर के भीतर का ही मामला रहेगा .पिछली बार नेन्द्रा गाँव के जिन आदिवासियों ने ऐसी ही मानवाधिकार आयोग की टीम के सामने मूंह खोला था उनके घर जला दिये गये थे . शिकायत भेजने वाली दूसरी बलात्कार पीड़ित लड़कियों को अभी पिछले महीने ही सुकमा के एस पी साहब की जानकारी में उठा कर अदालत में ले जाकर लड़कियों को जबरन अपने बयान बदलने को मजबूर कर दिया गया . 
पर ठीक है पब्लिक को बेवकूफ बनाने के लिये ये नाटकबाजी भी ज़रूरी है .

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