Sunday, July 21, 2013

जोहार. हमारा नाम सुषमा असुर है. हमें भूल तो नहीं गए आपलोग? हम आ रहे हैं दिल्ली. 29 जुलाई को JNU में आयोजित आदिवासी साहित्य के राष्ट्रीय सेमिनार में. पंकज दादा बोले कि दिल्ली चलना है. Ganga Sahay Meena जी निमंत्रण भेजे हैं. हम खुशी-खुशी हां बोल दिए. आपलोग हमसे मिलने 29 जुलाई को JNU जरूर आइए. देखिए और मिलिए हमसे. सोचिए, क्या वाकई में हम असुरों को आपका विकास के लिए मार देना चाहिए?

जोहार. हमारा नाम सुषमा असुर है. हमें भूल तो नहीं गए आपलोग? हम आ रहे हैं दिल्ली. 29 जुलाई को JNU में आयोजित आदिवासी साहित्य के राष्ट्रीय सेमिनार में. पंकज दादा बोले कि दिल्ली चलना है. Ganga Sahay Meena जी निमंत्रण भेजे हैं. हम खुशी-खुशी हां बोल दिए. आपलोग हमसे मिलने 29 जुलाई को JNU जरूर आइए. देखिए और मिलिए हमसे. सोचिए, क्या वाकई में हम असुरों को आपका विकास के लिए मार देना चाहिए?

No comments:

Post a Comment

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

Census 2010

Welcome

Website counter

Followers

Blog Archive

Contributors